राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: पुलिस रिमांड में आरोपियों ने किए कई खुलासे, शेयर बाजार में निवेश का दावा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: पुलिस रिमांड में आरोपियों ने किए कई खुलासे, शेयर बाजार में निवेश का दावा

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Ram Mandir donation theft case: Accused make several revelations during police remand

अयोध्या। Ram Mandir donation theft case: राम नगरी में अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा चोरी का आरोपितों के सपने काफी बड़े थे। जिला कारागार में बंद चढ़ावा चोरी का आरोपितों को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में तीन आरोपितों अनुकल्प, लवकुश व करुणेश की कस्टडी रिमांड आज रात दस बजे पूरी हो जाएगी और पुलिस इन्हें जेल में दाखिल कर देगी।

पूछताछ के दौरान आरोपितों ने पुलिस को बताया है कि वे लोग शेयर मार्केट में पैसा लगाते थे। उन लोगों पर कोई शक न करे, इसलिए अपने रिश्तेदारों और परिचितों के खाते से पैसा भेज कर उसे ट्रांसफर कराते थे।

पुलिस ने इन आरोपितों के 30 परिचितों के खाते फ्रीज करा दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें आय से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला है।

अनुकल्प, लवकुश व करुणेश को पुलिस पहले लवकुश के घर भी ले गई। इसके बाद अयोध्या में ही पुलिस इनको विभिन्न स्थान पर ले गई। इन तीनों की कस्टडी के दौरान कोई नकदी बरामद नहीं होने की बात कही जा रही है, लेकिन सूत्रों ने बताया है कि अनुकल्प के किसी रिश्तेदार ने 20 हजार रुपये वापस किए हैं।

आरोपियों के मोबाइल से रिकवर हुए चैट से पैसों के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर आपसी विवाद की बातें भी सामने आई हैं। पुलिस ने अभी भी अनुकल्प के पिता रवींद्र मिश्र व चाचा रामेंद्र मिश्र सहित सराफा कारोबारी विजय कौशल को हिरासत में रखा है। कारोबारी पर आरोप है कि वह अनुकल्प की ओर से दिए गए आभूषणों को गला देता था।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे चोरी के पैसों को शेयर मार्केट में लगाते थे। पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में आरोपियों ने इस बात का खुलासा किया है।

अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला मंदिर के चढ़ावे से चोरी की गई रकम को शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते थे। चोरी की रकम को अन्य लोगों को देकर मोटी ब्याज दर पर भी दिया जाता था। पुलिस टीम ने आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा व करुणेश पांडेय) को रिमांड पर लेकर उनके घरों की तलाशी और जांच की।